विसयं गच्छ

मुखिय साधारण अभिलेख

Wikipediaठानस्स सब्बेसं विज्जमानानं अभिलेखानं समुच्चञ्ञः दस्सनं॥ त्वं अभिलेख विससं वा युज्जनक नामं वा (अक्खर गरु लहु नयेन) वा विसयीभूत पिट्ठिं वा (अक्खर गरु लहु नयेन) विचिनित्वा दस्सनं संखिपितुं सक्कोसि॥

पवेणि
(सब्बपच्छातम | सब्बपोराणतम) पस्सतु (५० अभिनवतरानि | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)
(सब्बपच्छातम | सब्बपोराणतम) पस्सतु (५० अभिनवतरानि | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)